बिलासपुर। किसानों को गुणवत्तापूर्ण और उचित दाम पर खाद-बीज उपलब्ध कराने के लिए छत्तीसगढ़ सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। मुख्यमंत्री के निर्देश पर कालाबाजारी, मिलावट और अवैध बिक्री पर सख्ती से कार्रवाई की जा रही है।
कलेक्टर संजय अग्रवाल की अगुवाई में बनी विशेष जांच टीम ने बिलासपुर जिले के कोटा और बिल्हा ब्लॉक के कई खाद-बीज विक्रेताओं की दुकानों पर छापेमारी की। छापों में कई दुकानों पर नियमों का उल्लंघन पकड़ा गया।
जांच में सामने आई गड़बड़ियां
जांच दल ने कोटा और बिल्हा के आधा दर्जन से ज्यादा कृषि केंद्रों पर नियमों के उल्लंघन पाए।
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तखतपुर के किसान सेवा केंद्र पर भारी अनियमितताएं मिलीं। संतोषजनक जवाब न मिलने पर दुकान का लाइसेंस 15 दिन के लिए निलंबित कर दिया गया।
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रतनपुर के उन्नत कृषि केंद्र ने बिना बिल दिए खाद बेची, जिसे लेकर नोटिस जारी किया गया।
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कोनछरा के शेखर कृषि केंद्र बिना IFMS आईडी के खाद बेच रहा था। इसका स्टॉक जब्त कर बिक्री पर रोक लगाई गई।
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मदनपुर (बिल्हा) के राघवेंद्र देवांगन कृषि केंद्र पर रेट लिस्ट, स्टॉक रजिस्टर और रिपोर्ट न देने पर बिक्री पर रोक लगाई गई।
गोदाम सील, POS मशीन अनिवार्य
कोनछरा के अतुल कृषि केंद्र का गोदाम भी नियमों के उल्लंघन पर सील कर दिया गया।
कलेक्टर ने सभी विक्रेताओं को निर्देश दिए हैं कि खाद की बिक्री केवल POS मशीन से ही की जाए ताकि पारदर्शिता बनी रहे।
जांच दल में कृषि उपसंचालक पी.डी. हेतेस्वर, सहायक संचालक अनिल कुमार शुक्ला, ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी, खाद्य निरीक्षक समेत अन्य अधिकारी शामिल रहे।
