रायपुर, 21 जुलाई। सावन अमावस्या पर छत्तीसगढ़ में पारंपरिक पर्व हरेली तिहार पूरे उत्साह और श्रद्धा के साथ मनाया जा रहा है। गांव से लेकर शहर तक हरेली की हरियाली में लोक संस्कृति, आस्था और आधुनिक आयोजन का समावेश देखने को मिल रहा है।
राजधानी स्थित मुख्यमंत्री निवास में भी इस अवसर पर भव्य आयोजन किया गया है, जहां मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय सपरिवार कृषि उपकरणों की पूजा कर छत्तीसगढ़ी परंपरा को निभा रहे हैं। इस दौरान गेड़ी नृत्य, रामायण पाठ, सावन झूला और छत्तीसगढ़ी व्यंजन के साथ सांस्कृतिक प्रस्तुतियों का आयोजन हुआ।
ग्रामीण अंचलों में किसान अपने खेतों में उपयोग होने वाले कृषि औजारों की विधिवत पूजा कर प्रकृति के प्रति आभार जता रहे हैं। नीम की डाल और धातु की कीलें घरों के दरवाज़ों पर लगाई जा रही हैं, ताकि बुरी शक्तियों से रक्षा हो सके।
हरेली की सबसे खास परंपरा ‘गेड़ी’ का उत्सव बच्चों और युवाओं में रोमांच भर देता है। कई स्थानों पर गेड़ी दौड़, नारियल फेंक प्रतियोगिता और पारंपरिक खेलों का आयोजन किया जा रहा है।
समय के साथ यह पर्व अब आधुनिकता के रंगों में भी रंग चुका है। पहले जहां यह केवल गांवों तक सीमित था, वहीं अब शहरों में भी आयोजन हो रहे हैं। सोशल मीडिया पर छत्तीसगढ़ी व्यंजनों और हरेली की झलकियों ने खास जगह बनाई है।
विशेषज्ञों का मानना है कि परंपरा और आधुनिकता के बीच संतुलन बना रहना जरूरी है ताकि लोक संस्कृति की आत्मा सुरक्षित रहे और नई पीढ़ी इससे जुड़ाव महसूस कर सके।
