राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) अपनी स्थापना के 100 वर्षों के उपलक्ष्य में देशभर में एक भव्य जनसंपर्क अभियान शुरू करने जा रहा है। संघ के अखिल भारतीय प्रचार प्रमुख सुनील अंबेकर ने मंगलवार को जानकारी दी कि इस अभियान के तहत एक हजार से अधिक स्थानों पर संवाद और कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे, जिनमें 138 प्रमुख सामाजिक वर्गों और उपवर्गों के लोगों को आमंत्रित किया जाएगा।
चार सबसे प्रमुख कार्यक्रम दिल्ली, कोलकाता, बंगलुरू और मुंबई में होंगे, जिनमें संघ प्रमुख मोहन भागवत स्वयं शामिल होकर आरएसएस के कार्यों और उद्देश्यों की विस्तृत जानकारी देंगे। दिल्ली का संवाद कार्यक्रम 26 से 28 अगस्त के बीच विज्ञान भवन में होगा, जिसमें विदेशी राजनयिकों को भी आमंत्रित किया जाएगा।
कार्यक्रमों की शृंखला में नवंबर में बंगलुरू, फिर कोलकाता और अंत में फरवरी में मुंबई में आयोजन होगा। इन आयोजनों की थीम ‘सौ वर्ष की संघ यात्रा और नए क्षितिज’ रखी गई है। अंतिम दिन मोहन भागवत जनता के सवालों का उत्तर भी देंगे। साथ ही, संघ के वरिष्ठ पदाधिकारी दत्तात्रेय होसबोले भी विभिन्न आयोजनों में भाग लेंगे।
कार्यक्रमों का लाइव प्रसारण सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर किया जाएगा। संघ का मानना है कि अब भी कई क्षेत्रों में कार्यों और व्यक्तित्वों का मूल्यांकन उपनिवेश काल के मापदंडों पर किया जाता है। आरएसएस का उद्देश्य है कि समाज भारतीय मानकों को अपनाए और उन्हें व्यवहार में लाए।
